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मरीजों को बड़ी राहत, सिरà¥à¤« à¤à¤• गोली से हो जाà¤à¤—ा हेपेटाइटिस सी का इलाज
हर साल हजारों लोगों की मौत का कारण बन रहे हेपेटाइटिस सी अब जानलेवा नहीं बनेगा। इस बीमारी की असरदार दवाà¤à¤‚ उपलबà¥à¤§ होने के बाद मरीजों के लिठअब इलाज और आसान हो गया है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि नई दवाओं की कंबाइंड डोज की गोली à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ हो गई है।
इस कंबाइंड डोज की à¤à¤• गोली से हेपेटाइटिस सी के मरीज का इलाज संà¤à¤µ है। इसका फायदा यह है कि मरीजों को दो-तीन तरह की दवाà¤à¤‚ लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा इलाज à¤à¥€ ससà¥à¤¤à¤¾ हो गया है। à¤à¤®à¥à¤¸ में हà¥à¤ à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में यह बात सामने आई है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जेनरिक दवाà¤à¤‚ à¤à¥€ 95 फीसद तक इलाज में असरदार है।
देश में करीब 1.20 करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। रकà¥à¤¤ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण यह बीमारी होती है। इस बीमारी का शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में पता नहीं चल पाता। इस वजह से लिवर कैंसर के मामले à¤à¥€ बढ़ रहे हैं। 20 फीसद लिवर कैंसर का कारण हेपेटाइटिस सी है।
पहले इस बीमारी के इलाज के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कारगर दवाà¤à¤‚ नहीं थी, इसलिठइस बीमारी से पीड़ित जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मरीज मौत के मà¥à¤‚ह में जाने को मजबूर थे। दो साल पहले इसके इलाज के लिठसोफोसोविर नामक दवाà¤à¤‚ आई थी। इसके बाद डाकà¥à¤²à¤¾à¤Ÿà¤¸à¤µà¤¿à¤° व लेडिपासविर दवा आई।
à¤à¤®à¥à¤¸ के गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ विà¤à¤¾à¤— के à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° डॉ. शालीमार ने कहा कि पिछले महीने à¤à¤• और नई दवा वेलपाटसविर आई है। इस तरह हेपेटाइटिस सी के इलाज के लिठचार दवाà¤à¤‚ उपलबà¥à¤§ हो गई है। इस बीमारी के छह सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¨ होते हैं। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में सोफोसोविर, डाकà¥à¤²à¤¾à¤Ÿà¤¸à¤µà¤¿à¤° व लेडिपासविर अलग-अलग आती थीं।
कंबाइंड डोज उपलबà¥à¤§ नहीं था, इसलिठमरीजों को à¤à¤• से अधिक दवाà¤à¤‚ देनी पड़ती थी। अब सोफोसोविर और लेडिपासविर का कंबाइंड डोज उपलबà¥à¤§ है। इसी तरह सोफोसोविर व वेलपाटसविर की कंबाइंड डोज दवा à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ हो गई है, इसलिठमरीजों को सिरà¥à¤« à¤à¤• गोली तीन महीने तक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना होता है।
इसके अलावा और कोई दवा नहीं चलती। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि हेपेटाइटिस सी अब घातक बीमारी नहीं रही। उसके इलाज की अचà¥à¤›à¥€ दवाà¤à¤‚ उपलबà¥à¤§ हो गई है। à¤à¤®à¥à¤¸ में गरीब मरीजों को दवाà¤à¤‚ मà¥à¤«à¥à¤¤ उपलबà¥à¤§ कराई जाती है। अनà¥à¤¯ मरीजों को à¤à¥€ इस बीमारी के इलाज के लिठअब 11,000-12,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ से अधिक खरà¥à¤š करने की जरूरत नहीं पड़ती।
जूनियर डॉकà¥à¤Ÿà¤° कर सकेंगे हेपेटाइटिस सी का इलाज
यकृत व पितà¥à¤¤ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ (आइà¤à¤²à¤¬à¥€à¤à¤¸) के निदेशक डॉ. à¤à¤¸à¤•े सरीन ने कहा कि नई दवाओं के आने से हेपेटाइटिस सी का इलाज इतना आसान हो गया है कि जिला असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में बैठे जूनियर डॉकà¥à¤Ÿà¤° व नरà¥à¤¸ à¤à¥€ कर सकती हैं। इसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ किया जाना चाहिठताकि मरीजों को उनके घर के नजदीक इलाज उपलबà¥à¤§ हो सके। इसलिठसरकार को पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® चलाना चाहिà¤à¥¤
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